
इतिहास ने एक नया अध्याय लिखा है—सारा मुल्लाली को पहली महिला आर्चबिशप के रूप में केंटर्बरी की सिंहासन पर बैठाया गया है। यह गर्व और आशा का पल है, जहाँ एक महिला ने विश्वास, सहानुभूति और साहस से इस प्रतिष्ठित भूमिका को अपनाया है। उनका चयन न केवल चर्च की विविधता और समावेशिता को दर्शाता है, बल्कि समस्त महिलाओं को यह प्रेरणा देता है कि सीमाओं को तोड़ कर सबकुछ संभव है। मुल्लाली को उनके जीवन भर के स्वास्थ्य, सामाजिक न्याय और मानवीय सेवा के अनुभवों ने इस नई जिम्मेदारी के लिए तैयार किया है। इस ऐतिहासिक क्षण को पूरे विश्व में एक सकारात्मक परिवर्तन के संकेत के रूप में मनाया जा रहा है, जो भविष्य में और अधिक समानता और सहयोग की आशा जगाता है।