ऋण चुकाने के बाद भी उधारकर्ता को उसकी संपत्ति के मूल दस्तावेज वापस नहीं मिलने पर LIC हाउसिंग फाइनेंस को बड़ा झटका लगा है। उपभोक्ता आयोग ने कंपनी को 10 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश बरकरार रखा है। मामला एक ऐसे उधारकर्ता से जुड़ा था जिसने अपना होम लोन पूरी तरह चुका दिया था। ऋण समाप्त होने के बाद उसने बार-बार अपने मूल संपत्ति दस्तावेज लौटाने की मांग की। इसके बावजूद कंपनी दस्तावेज वापस करने में असफल रही। जांच में सामने आया कि महत्वपूर्ण टाइटल डीड और अन्य मूल कागजात कंपनी के पास से गुम हो गए थे। आयोग ने इसे सेवा में गंभीर कमी माना। आयोग ने कहा कि मूल दस्तावेजों का खो जाना संपत्ति मालिक के लिए बड़ी परेशानी और जोखिम पैदा करता है। दस्तावेजों के अभाव में संपत्ति से जुड़े कई कानूनी और वित्तीय कार्य प्रभावित हो सकते हैं। उपभोक्ता को लंबे समय तक मानसिक तनाव और असुविधा का सामना करना पड़ा। इसी आधार पर कंपनी पर 10 लाख रुपये का मुआवजा लगाया गया। यह फैसला वित्तीय संस्थानों की जवाबदेही को मजबूत करने वाला माना जा रहा है।
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