मिजोरम की एक अदालत ने 2017 के चर्चित गैंगरेप और एसिड अटैक मामले में दो बीएसएफ जवानों को दोषी ठहराया है। अदालत ने नीलांजन दास और दिनेश कुमार को कुल 42 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। दोषियों को गैंगरेप के लिए 20 साल, गंभीर चोट पहुंचाने के लिए 10 साल और एसिड अटैक के लिए 12 साल की सजा दी गई है। यह जघन्य अपराध 16 जुलाई 2017 को मिजोरम के ममित जिले में हुआ था। पीड़िता और उसकी सहेली जंगल में वनस्पति इकट्ठा करने गई थीं, तभी जवानों ने इस घटना को अंजाम दिया। दोषियों ने अपनी पहचान छुपाने के लिए पीड़िता के चेहरे पर तेजाब डाल दिया था, जिससे उसे गंभीर चोटें आईं। इस मामले में पीड़िता की सहेली की भी मौत हो गई थी, लेकिन अदालत ने हत्या के आरोप से दोनों को बरी कर दिया। जज सिल्वी ज़ोमुअनपुई राल्ते ने फैसला सुनाते हुए दोषियों पर 60,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना न भरने पर उन्हें अतिरिक्त जेल की सजा काटनी होगी। सुनवाई के दौरान 18 गवाहों के बयानों और साक्ष्यों की गहन जांच की गई। यह फैसला नौ साल लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद आया है। पीड़ित महिला ने अपनी गवाही में दोनों आरोपियों की पहचान की थी। इस घटना ने सुरक्षा बलों की कार्यप्रणाली और मानवाधिकारों के उल्लंघन पर गंभीर सवाल खड़े किए थे।
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