दिल्ली के मालवीय नगर में हुए भीषण अग्निकांड के बाद दिल्ली सरकार कानून व्यवस्था और सुरक्षा मानकों को लेकर बेहद सख्त रुख अपनाती नजर आ रही है। मुख्यमंत्री और संबंधित मंत्रियों के कड़े निर्देशों के बाद अब इस पूरे मामले में लापरवाही बरतने वाले प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ भी सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई करने का फैसला किया गया है। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि सुरक्षा नियमों की अनदेखी कर रिहायशी इलाकों में अवैध रूप से चल रहे व्यावसायिक गोदामों को तुरंत प्रभाव से सील किया जाएगा। इस घटना के बाद राजस्व विभाग, दिल्ली नगर निगम (MCD) और दमकल विभाग की संयुक्त टीमों को संवेदनशील इलाकों में सघन निरीक्षण अभियान चलाने के आदेश दिए गए हैं। प्राथमिक जांच में यह बात सामने आई है कि अग्निकांड वाले स्थान पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं थे और बिना जरूरी एनओसी (NOC) के ही काम चल रहा था। सरकार ने एक उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन भी किया है, जो इस हादसे के मुख्य कारणों और प्रशासनिक स्तर पर हुई चूक की विस्तृत रिपोर्ट सौंपेगी। मंत्रियों ने साफ तौर पर चेतावनी दी है कि यदि किसी भी इलाके में दोबारा ऐसी लापरवाही पाई गई, तो वहां के बीट ऑफिसर और क्षेत्रीय अधिकारियों को सीधे तौर पर जिम्मेदार मानकर सस्पेंड किया जाएगा। इस सख्त कदम का मुख्य उद्देश्य भविष्य में ऐसी जानलेवा और भयानक दुर्घटनाओं को रोकना और दिल्ली के नागरिकों के जीवन को सुरक्षित बनाना है। इसके साथ ही सरकार घायलों के उचित इलाज और प्रभावितों को जल्द से जल्द हर संभव मुआवजा और राहत राशि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया में जुटी है। सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाले भवन स्वामियों और अवैध कारोबारियों के खिलाफ पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत आपराधिक मुकदमे भी दर्ज कर लिए हैं।
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