मध्यप्रदेश के शिवपुरी जिले से चिकित्सा क्षेत्र में एक बड़ा और बेहद चौंकाने वाला फर्जीवाड़ा सामने आया है, जहां ‘मुन्नाभाई एमबीबीएस’ फिल्म की तर्ज पर फर्जी डॉक्टरों का गिरोह सक्रिय था। ये फर्जी डॉक्टर जाली डिग्रियों के सहारे पिछले 1 साल से भी अधिक समय से धड़ल्ले से क्लिनिक चला रहे थे और मासूम मरीजों की जिंदगी के साथ सरेआम खिलवाड़ कर रहे थे। इस गंभीर मामले का खुलासा तब हुआ जब स्वास्थ्य विभाग की टीम को इन डॉक्टरों की डिग्रियों और क्लिनिक के पंजीकरण को लेकर कुछ पुख्ता शिकायतें प्राप्त हुईं। शिकायत मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय प्रशासन की संयुक्त टीम ने जब इन संदिग्ध क्लिनिकों पर छापेमारी और जांच की प्रक्रिया शुरू की, तो पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। खुद को कानूनी शिकंजे में फंसता देख और अपनी पोल खुलने के डर से ये शातिर जालसाज डॉक्टर जांच शुरू होते ही रातों-रात अपने क्लिनिक बंद करके मौके से फरार हो गए। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपियों ने मेडिकल काउंसिल के फर्जी दस्तावेजों और कूटरचित डिग्रियों का इस्तेमाल कर भोले-भले ग्रामीणों का विश्वास जीता था। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने इन अवैध क्लिनिकों को सील कर दिया है और वहां मौजूद संदिग्ध दवाइयों तथा चिकित्सा उपकरणों को अपने कब्जे में ले लिया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) के निर्देश पर फरार आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी सहित विभिन्न गंभीर धाराओं में मामला दर्ज करने की तैयारी की जा रही है। पुलिस प्रशासन ने भी इस मामले को गंभीरता से लेते हुए फरार ‘मुन्नाभाइयों’ की तलाश के लिए अलग-अलग टीमें गठित कर दी हैं और संभावित ठिकानों पर दबिश देना शुरू कर दिया है। स्थानीय प्रशासन ने आम जनता से भी अपील की है कि वे केवल प्रमाणित और योग्य डॉक्टरों से ही अपना इलाज करवाएं और किसी भी संदिग्ध क्लिनिक की सूचना तुरंत विभाग को दें। स्वास्थ्य विभाग अब जिले के अन्य निजी क्लिनिकों के दस्तावेजों की भी सघन स्क्रूटनी कर रहा है ताकि इस तरह के अन्य फर्जीवाड़ों को समय रहते पकड़ा जा सके और दोषियों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
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