केरल के एक उपभोक्ता आयोग ने मारुति इनविक्टो कार की डिलीवरी से पहले उसके दोबारा रंगे गए हिस्सों की जानकारी नहीं देने पर अहम फैसला सुनाया है। आयोग ने वाहन विक्रेता पॉपुलर व्हीकल्स एंड सर्विसेज लिमिटेड को कार बदलने का निर्देश दिया है। मामले में ग्राहक ने आरोप लगाया था कि उसे गाड़ी की वास्तविक स्थिति के बारे में पहले से जानकारी नहीं दी गई। उपलब्ध साक्ष्यों से संकेत मिला कि डिलीवरी से पहले वाहन को नुकसान पहुंचा था। बाद में ग्राहक को मरम्मत पर अप्रत्याशित खर्च उठाना पड़ा। ग्राहक ने इस संबंध में डीलर के सामने शिकायत भी दर्ज कराई थी। हालांकि, शिकायत पर डीलर की ओर से उचित प्रतिक्रिया नहीं मिलने की बात सामने आई। आयोग ने इसे सेवा में कमी माना। फैसले के तहत ग्राहक को ₹3.6 लाख की राहत देने और वाहन बदलने का निर्देश दिया गया है। आयोग ने संबंधित कंपनी को आदेश का पालन करने के लिए 30 दिन का समय दिया है। यह फैसला वाहन खरीदने वालों के अधिकारों और डीलर की जवाबदेही को लेकर महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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