महाराष्ट्र में बढ़ती जलवायु चुनौतियों पर पुणे में आयोजित एक कार्यशाला में चर्चा हुई। ‘चेंजिंग टाइड्स इन महाराष्ट्र’ नामक कार्यशाला में जलवायु परिवर्तन से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विचार किया गया। सूखा प्रभावित मराठवाड़ा में पानी की कमी प्रमुख चिंता के रूप में सामने आई। पुणे में बढ़ती शहरी बाढ़ की समस्या पर भी चर्चा हुई। शोधकर्ताओं, नीति निर्माताओं और क्षेत्र में काम करने वाले विशेषज्ञों ने इसमें भाग लिया। प्रतिभागियों ने साक्ष्य आधारित और समुदाय केंद्रित जलवायु कार्रवाई पर जोर दिया। पानी और कृषि से जुड़े मुद्दों को समाधान की प्राथमिकता में रखा गया। भूमि पुनर्स्थापन और ग्रामीण क्षेत्रों की जलवायु सहनशीलता पर भी विचार हुआ। जलवायु परिवर्तन के प्रभावों में लैंगिक असमानता और आजीविका से जुड़े पहलुओं को भी महत्वपूर्ण बताया गया। विशेषज्ञों ने स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप समाधान विकसित करने की जरूरत बताई। समानता और स्थिरता को जलवायु नीतियों का अहम हिस्सा बनाने पर जोर दिया गया। कार्यशाला का आयोजन भारती इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक पॉलिसी, WOTR, WOTR सेंटर फॉर रेजिलिएंस स्टडीज और FLAME यूनिवर्सिटी ने किया। चर्चा में महाराष्ट्र के लिए स्थानीय स्तर पर प्रभावी और टिकाऊ जलवायु समाधान विकसित करने की आवश्यकता रेखांकित की गई।
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