मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने एक मामले में ग्वालियर विकास प्राधिकरण (GDA) के CEO और एक अधिवक्ता को आपराधिक अवमानना नोटिस जारी किया है। यह कार्रवाई कथित तौर पर बेंच हंटिंग के प्रयास को लेकर की गई है। अदालत ने कहा कि मामले को मौजूदा पीठ से हटाने की जानबूझकर कोशिश की गई। कोर्ट ने इस प्रक्रिया को न्यायिक व्यवस्था को प्रभावित करने वाला माना। संबंधित मामले में सुनवाई के दौरान यह टिप्पणी की गई। हाईकोर्ट ने दोनों व्यक्तियों को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का निर्देश दिया है। उन्हें 5 अगस्त को अदालत के समक्ष उपस्थित होना होगा। दोनों से पूछा गया है कि उनके खिलाफ अवमानना की कार्यवाही क्यों शुरू नहीं की जानी चाहिए। अदालत ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आगे की प्रक्रिया तय की है। बेंच हंटिंग को न्यायिक प्रक्रिया में अनुचित हस्तक्षेप माना जाता है। हाईकोर्ट इस मामले में तथ्यों और संबंधित पक्षों के जवाबों पर विचार करेगा।
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