मणिपुर में कुकी और नागा समुदायों के बीच चल रहा खूनी संघर्ष एक बार फिर भयावह मोड़ पर पहुंच गया है। हाल ही में अगवा किए गए छह नागा युवकों के शव मिलने के बाद राज्य में बदले की आग फिर से भड़क उठी है। इस घटना ने एक महीने से जारी हिंसा के नए और डरावने अध्याय की शुरुआत कर दी है। स्थिति को और भी जटिल बनाने वाली बात यह है कि इस संघर्ष में एक संवेदनशील ‘धार्मिक एंगल’ जुड़ गया है, जिसके कारण इस पर खुलकर कोई बात करने से बच रहा है। संघर्ष वाले क्षेत्रों में महिलाओं के फ्रंटलाइन पर आकर प्रदर्शन करने से सुरक्षा बलों के लिए भी स्थिति चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। सुरक्षा बल इन इलाकों में अत्यधिक संयम बरतते हुए कार्रवाई कर रहे हैं। हिंसा के कारण आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है और लोगों में डर का माहौल व्याप्त है। प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां स्थिति को नियंत्रित करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही हैं। हालांकि, ताजा मौतों ने शांति बहाली की कोशिशों को गहरा झटका दिया है। इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं और कड़ी निगरानी रखी जा रही है। समुदाय के बीच बढ़ते अविश्वास ने शांति की राह को कठिन बना दिया है। फिलहाल पूरे राज्य में हाई अलर्ट जारी है और हिंसा रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।
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