यूबीएस की एक नई रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया भर के अमीर परिवार और उनके फैमिली ऑफिस डॉलर के प्रति अपना भरोसा घटा रहे हैं। भू-राजनीतिक तनाव और बढ़ते सार्वभौम कर्ज के कारण उनका मानना है कि डॉलर की वैश्विक रिजर्व मुद्रा के रूप में स्थिति कमजोर हो सकती है। रिपोर्ट में कहा गया है कि लगभग दो-तिहाई धनी परिवार आने वाले समय में डॉलर के और कमजोर पड़ने की उम्मीद कर रहे हैं। इसी वजह से वे अपने पोर्टफोलियो में डॉलर के दांव को कम कर रहे हैं और अन्य मुद्राओं या परिसंपत्तियों में शिफ्ट हो रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, यह बदलाव वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ा संकेत है। अमेरिकी कर्ज सीमा और व्यापार युद्धों की आशंका ने भी इस रुख को मजबूत किया है। अब निवेशक सोना, दूसरी मुद्राएं और आपातकाल में सुरक्षित मानी जाने वाली परिसंपत्तियों की तरफ रुख कर रहे हैं।
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