भारत और चीन के संबंधों को लेकर चीन की ओर से एक महत्वपूर्ण बयान सामने आया है। बीजिंग ने कहा है कि दोनों देशों को एक-दूसरे को दुश्मन या प्रतिद्वंद्वी के रूप में नहीं, बल्कि सहयोगी साझेदार के रूप में देखना चाहिए। चीन ने जोर देकर कहा कि भारत और चीन मिलकर आपसी सहयोग से विकास के नए अवसर पैदा कर सकते हैं। यह बयान ऐसे समय आया है जब एशियाई भू-राजनीति में कई बदलाव देखे जा रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, यह टिप्पणी रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की हालिया टिप्पणियों के बाद आई है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के बयान क्षेत्रीय कूटनीति में नरमी का संकेत हो सकते हैं। हालांकि, दोनों देशों के बीच सीमा और रणनीतिक मुद्दों पर अभी भी मतभेद बने हुए हैं। चीन ने आर्थिक और विकासात्मक सहयोग बढ़ाने की आवश्यकता पर भी बल दिया है। भारत-चीन संबंधों में यह बयान एक सकारात्मक संकेत के रूप में देखा जा रहा है। आगे दोनों देशों के बीच बातचीत और सहयोग की संभावनाओं पर नजर बनी हुई है।
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