भारत ने अपने डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर नेटवर्क को पूरा कर लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीन नए सेक्शन का उद्घाटन किया। इसके साथ देश में कुल 2,843 किलोमीटर का डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर पूरी तरह परिचालन में आ गया है। इस नेटवर्क पर फिलहाल रोजाना 443 मालगाड़ियों का संचालन हो रहा है। रेल मंत्रालय ने माल ढुलाई को तेज और अधिक कुशल बनाने के लिए दो प्रमुख फ्रेट कॉरिडोर विकसित किए हैं। ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर लुधियाना से सोननगर तक फैला है। इसकी लंबाई 1,337 किलोमीटर है। वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर दादरी को जवाहरलाल नेहरू पोर्ट टर्मिनल से जोड़ता है। इसकी कुल लंबाई 1,506 किलोमीटर है। नए सेक्शन जुड़ने से देश के माल परिवहन नेटवर्क की क्षमता और कनेक्टिविटी बढ़ी है। डेडिकेटेड कॉरिडोर का उद्देश्य मालगाड़ियों को समर्पित रेल मार्ग उपलब्ध कराना है। इससे यात्री ट्रेनों के साथ मालगाड़ियों के संचालन का दबाव कम करने में मदद मिलेगी। बेहतर माल ढुलाई व्यवस्था से लॉजिस्टिक्स की दक्षता बढ़ने की उम्मीद है। यह परियोजना देश के परिवहन बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
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