भारत में महिलाओं द्वारा नथ (नाक की बाली), पायल और बिछिया (पैर की अंगूठी) पहनने की परंपरा सदियों पुरानी है, जिसके पीछे सिर्फ सुंदरता ही नहीं बल्कि गहरे सांस्कृतिक, आयुर्वेदिक और वैज्ञानिक कारण भी हैं। नथ को विवाहित महिलाओं की पहचान और सम्मान का प्रतीक माना जाता है, साथ ही आयुर्वेद के अनुसार नाक के बाएं छेद पर पहनी गई बाली प्रजनन अंगों से जुड़ी होती है और दर्द कम करने में सहायक होती है। पायल पहनने से ऊर्जा का संचार होता है और शरीर की अकड़न कम होती है, जबकि बिछिया विशेष रूप से प्रजनन स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद मानी गई है। ये आभूषण मात्र गहने नहीं बल्कि महिलाओं के शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक स्वास्थ्य का मार्ग प्रशस्त करते हैं। आज भी ये परंपराएँ भारतीय संस्कृति को जीवित रखे हुए हैं।
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