मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के बुधनी स्थित सिविल अस्पताल की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठे हैं। सड़क हादसे में घायल हुई बच्चियों ने अस्पताल में इलाज को लेकर आरोप लगाए हैं। बच्चियों के अनुसार, डॉक्टर की जगह एक आउटसोर्स कर्मचारी ने उनके घावों पर टांके लगाए। इस आरोप ने अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं और इलाज की प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सड़क हादसे के बाद घायल बच्चियों को उपचार के लिए अस्पताल लाया गया था। ऐसे मामलों में मरीजों को समय पर और उचित चिकित्सा सुविधा मिलना जरूरी है। डॉक्टर की जगह दूसरे कर्मचारी द्वारा टांके लगाए जाने का आरोप मामले को संवेदनशील बनाता है। घटना सामने आने के बाद अस्पताल की कार्यप्रणाली पर चर्चा शुरू हो गई है। इस मामले में आरोपों की निष्पक्ष जांच महत्वपूर्ण होगी। जांच से यह स्पष्ट हो सकेगा कि बच्चियों का इलाज किन परिस्थितियों में किया गया। साथ ही, संबंधित कर्मचारियों की भूमिका और जिम्मेदारी का भी पता लगाया जा सकेगा। उपलब्ध जानकारी में अस्पताल प्रशासन की आधिकारिक प्रतिक्रिया का विवरण नहीं है।
Source: Source