बिहार के अररिया जिले में एक आरटीआई खुलासे ने राज्य की राजनीति में भूचाल ला दिया है। मुख्यमंत्री की ‘प्रगति यात्रा’ के दौरान उनके लिए महज कुछ देर के इस्तेमाल के लिए 7.41 लाख रुपये की लागत से एक अस्थायी VVIP टॉयलेट बनाया गया था। इस मामले को लेकर विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य के खजाने का इस तरह दुरुपयोग शर्मनाक है। तेजस्वी के अनुसार, इस धनराशि में गरीबों के लिए 37 स्थायी शौचालयों का निर्माण किया जा सकता था। लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED) के आधिकारिक दस्तावेजों से इस फिजूलखर्ची की पुष्टि हुई है। आरटीआई से सामने आया है कि मुख्यमंत्री के एक घंटे के कार्यक्रम के लिए यह भारी-भरकम खर्च किया गया। आम आदमी को शौचालय के लिए मिलने वाली 12,000 रुपये की सरकारी राशि के मुकाबले यह खर्च बेहद असंवेदनशील है। विपक्ष ने इसे सरकारी धन का दुरुपयोग और ‘वीआईपी कल्चर’ का जीता-जागता उदाहरण बताया है। इस खुलासे के बाद प्रशासनिक स्तर पर भी जवाबदेही तय करने की मांग उठ रही है। मुख्यमंत्री की इस यात्रा पर हुए खर्च ने अब सरकार के लिए नई मुश्किलें खड़ी कर दी हैं।
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