बिहार सरकार ने प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन की दरों में बड़ी बढ़ोतरी की है, जिसका सीधा असर खरीदारों और विक्रेताओं पर पड़ेगा। राज्य में ग्रामीण क्षेत्रों में जमीन की दरों में 60% की वृद्धि की गई है, जबकि शहरी क्षेत्रों में ये दरें दोगुनी हो गई हैं। नई व्यवस्था के तहत अब वार्षिक 5% MVR बढ़ोतरी और 1% स्टैंप ड्यूटी में इजाफा लागू कर दिया गया है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य सरकारी और केंद्र सरकार की परियोजनाओं के लिए अधिग्रहित की जाने वाली भूमि के बदले किसानों को मिलने वाले मुआवजे में बढ़ोतरी करना है। इस बदलाव से किसानों को जमीन का बेहतर मूल्य मिल सकेगा। वहीं, दूसरी ओर घर खरीदने वालों के लिए रजिस्ट्री की लागत बढ़ जाएगी। राज्य सरकार ने महिला खरीदारों को राहत देते हुए स्टैंप ड्यूटी में मिलने वाली छूट को और बेहतर बनाया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय सरकारी राजस्व बढ़ाने और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण को सुगम बनाने के लिए लिया गया है। आम नागरिकों को नई दरों के हिसाब से ही अब अपनी बजट योजना बनानी होगी।
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