छत्तीसगढ़ के बिलासपुर के नेहरू नगर में सरकारी सामुदायिक भवन को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड द्वारा बनाए गए इस सार्वजनिक उपयोग के भवन को निजी संपत्ति बताकर तोड़ने की अनुमति देने का मामला उजागर हुआ है। आरोप है कि सिटी मजिस्ट्रेट ने आवश्यक दस्तावेजों की ठीक से जांच किए बिना भवन ध्वस्तीकरण की परमिशन जारी कर दी। इस कार्रवाई को लेकर प्रशासनिक स्तर पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मामले के सामने आने के बाद संबंधित अधिकारी के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि अनुमति देने की प्रक्रिया में कौन-कौन सी अनियमितताएं हुईं। शुरुआती जांच में दस्तावेज सत्यापन में लापरवाही की आशंका जताई जा रही है। यह भवन सार्वजनिक उपयोग के लिए छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड द्वारा बनाया गया था। घटना के बाद स्थानीय प्रशासन और विभागीय स्तर पर समीक्षा शुरू कर दी गई है। अधिकारियों की भूमिका और निर्णय प्रक्रिया की विस्तृत जांच की जा रही है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच रिपोर्ट के आधार पर तय की जाएगी।
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