छत्तीसगढ़ के बालोद जिले की ग्राम पंचायत किसना में विवाद गहरा गया है, जहाँ ग्रामीणों के एक गुट ने सरपंच, उपसरपंच और पंचों का सामाजिक बहिष्कार कर दिया है। स्थिति इतनी गंभीर है कि ग्रामीणों ने मंदिर में बैठक कर शपथ ली है और निर्देश न मानने पर एक लाख रुपये के जुर्माने की चेतावनी दी है। जनप्रतिनिधियों का आरोप है कि विपक्षी गुट द्वारा उन्हें लगातार धमकाया जा रहा है और पंचायत के विकास कार्यों में जानबूझकर बाधा उत्पन्न की जा रही है। अविश्वास प्रस्ताव के बाद से ही पंचायत में माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है। जनप्रतिनिधियों का कहना है कि स्थानीय स्तर पर पुलिस में शिकायत करने के बावजूद कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है। इस स्थिति से त्रस्त होकर अब पंचायत प्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन से सीधे हस्तक्षेप की मांग की है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन से सख्त कदम उठाने की अपील की गई है। ग्रामीण राजनीति में बढ़ते इस प्रकार के बहिष्कार से विकास कार्यों पर बुरा असर पड़ रहा है। जिला प्रशासन अब इस पूरे विवाद की जांच कर शांति बहाली के प्रयास कर रहा है।
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