छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के डौंडीलोहारा ब्लॉक के पास स्थित भालूकोन्हा गांव में भालू दिखाई देने से ग्रामीणों में दहशत है। देर रात करीब ढाई बजे भालू गांव के तालाब पार स्थित मंदिर परिसर में घूमता नजर आया। मंदिर में लगे सीसीटीवी कैमरे में उसकी चहलकदमी कैद हो गई। रविवार सुबह करीब चार बजे उसे जंगल की ओर जाते देखा गया। इससे पहले भालू गांव में घुसकर उमेश साहू के घर से तेल का कनस्तर उठाकर ले गया था। घटना के समय नवरात्रि उत्सव के कारण उमेश साहू के घर पर कोई मौजूद नहीं था। भालू के गांव में पहुंचने की सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। वनकर्मियों ने कोटवार और ग्रामीणों की मदद से देर रात तक तलाशी अभियान चलाया। रेंजर प्रवेश सोनी ने बताया कि भालूकोन्हा, जाटादाह और पिंगाल सहित आसपास के गांवों में मुनादी कराकर लोगों को सतर्क किया गया है। ग्रामीणों को जंगल की ओर नहीं जाने की सलाह दी गई है। वन विभाग के अनुसार, भोजन और पानी की तलाश में जंगली जानवर अक्सर जंगल से निकलकर बस्तियों तक पहुंच जाते हैं। भालुओं को बांस के छोटे पौधे यानी करील पसंद होते हैं, जिनकी तलाश में वे जंगल से लगे ग्रामीण इलाकों में आ सकते हैं। करीब डेढ़ से दो महीने पहले ग्राम गैंजी में भी भालू दिखाई दिया था।
Source: Source