कांग्रेस नेता और दिवंगत महेंद्र कर्मा के पुत्र छविंद्र कर्मा ने बस्तर में नक्सल गतिविधियों को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है और संगठन दोबारा मजबूत होने की कोशिश कर रहा है। उनके अनुसार स्थानीय युवाओं की नई भर्ती की जा रही है और कई गांवों में नक्सलियों की गतिविधियां जारी हैं। छविंद्र ने दावा किया कि नक्सली समूह अब भी सरपंचों और ग्रामीणों के साथ बैठकें कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कुछ इलाकों में छोटे-छोटे नक्सली दल सक्रिय हैं और लगातार आवाजाही कर रहे हैं। केंद्र और राज्य सरकार द्वारा नक्सलवाद के खात्मे के दावों पर उन्होंने सवाल उठाए। उनका कहना है कि नक्सलियों का कुछ समय शांत रहना उनके पूरी तरह खत्म होने का प्रमाण नहीं माना जा सकता। छविंद्र ने सुरक्षा व्यवस्था का हवाला देते हुए कहा कि यदि खतरा समाप्त हो चुका है तो लोगों को बिना सुरक्षा ग्रामीण क्षेत्रों में जाने की अनुमति मिलनी चाहिए। उन्होंने यह भी दावा किया कि जिन नक्सली नेताओं के मारे जाने की बात कही गई है, उनमें से कुछ मामलों की दोबारा जांच की जरूरत है। छविंद्र ने कहा कि सीमावर्ती गांवों में खुफिया तंत्र को और मजबूत करने की आवश्यकता है। उन्होंने झीरम घाटी हमले की जांच और उससे जुड़े सवालों का भी उल्लेख किया। उनका आरोप है कि पीड़ित परिवारों को अब तक पूरी सच्चाई नहीं मिल सकी है। साथ ही उन्होंने कहा कि नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई केवल सुरक्षा बलों की नहीं बल्कि विचारधारा के स्तर पर भी लड़ी जानी चाहिए। उनके बयान ने बस्तर में नक्सलवाद की मौजूदा स्थिति को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
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