बरेली में बेसिक शिक्षा विभाग के एक नए आदेश से सरकारी शिक्षकों में आक्रोश फैल गया है। शिक्षकों को अब अनिवार्य रूप से प्रति स्कूल 46 किलोग्राम भूसा (पशु चारा) इकट्ठा करने का निर्देश दिया गया है। यह काम उन्हें जनगणना के महत्वपूर्ण कार्यों के साथ-साथ करना होगा। शिक्षक संघ ने इस आदेश का कड़ा विरोध किया है। उनका कहना है कि शिक्षकों का मूल काम पढ़ाना और जनगणना कराना है, न कि भूसा एकत्र करना। शिक्षकों को लगता है कि यह उनके पेशे की गरिमा के खिलाफ है। प्रशासन का तर्क है कि यह किसी सरकारी योजना या ग्रामीण विकास से जुड़ा हो सकता है, लेकिन शिक्षक इससे सहमत नहीं हैं। शिक्षक संघ ने चेतावनी दी है कि अगर आदेश वापस नहीं लिया गया, तो आंदोलन किया जाएगा। अभिभावकों और विपक्षी दलों ने भी इस फैसले की आलोचना की है। कई स्कूलों में शिक्षक पहले से ही कम हैं और ऐसे कार्यों से शिक्षा प्रभावित होगी। प्रशासन ने अब तक इस मामले में कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया है। यह घटना शिक्षा प्रणाली के साथ छेड़छाड़ करने वाला एक और उदाहरण है। शिक्षकों का कहना है कि यह अनुचित और गैर-शैक्षणिक बोझ है। अब देखना यह है कि विभाग इस मुद्दे पर क्या कदम उठाता है।
Source: Source