बरनाला के सिविल अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं पर गंभीर सवाल उठाते हुए एक शर्मनाक मामला सामने आया है। अस्पताल के स्पेशल वार्ड में भर्ती एक मरीज और उसकी पत्नी को आधी रात को कमरे में ही बाहर से कुंडी लगाकर बंद कर दिया गया। मरीज का हाल ही में घुटनों का ऑपरेशन हुआ था और वह असहनीय दर्द से जूझ रहा था। पीड़ित महिला का आरोप है कि उसने बार-बार मदद के लिए आवाज लगाई, लेकिन ड्यूटी पर तैनात किसी भी स्टाफ या सुरक्षा कर्मी ने उनकी सुध नहीं ली। पूरी रात मदद न मिलने से मरीज और उसके परिजनों को मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना झेलनी पड़ी। तड़के चार बजे महिला ने नगर पार्षद नवीन कौशल को फोन कर आपबीती सुनाई। सूचना मिलते ही पार्षद अस्पताल पहुंचे और कमरे का दरवाजा खुलवाकर मरीज को चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई। महिला ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर अस्पताल की बदतर सुरक्षा और नर्सिंग स्टाफ की उदासीनता का पर्दाफाश किया है। अस्पताल की वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. इंदु ने मामले का संज्ञान लिया है और जांच के बाद सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है। इस घटना ने सरकारी अस्पतालों में मरीजों की सुरक्षा और संवेदनशीलता पर बड़ा प्रश्नचिह्न लगा दिया है।
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