हरियाणा पर्यटन निगम ने राई से बड़खालसा मेमोरियल तक हैरिटेज एवं सिटी वॉक का आयोजन किया। कार्यक्रम ‘आओ चले अपनी विरासत के साथ’ थीम पर हुआ। युवक, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और स्थानीय नागरिक बड़ी संख्या में शामिल हुए। मुख्य अतिथि पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा थे। उन्होंने कहा कि विरासत केवल पुराने भवन नहीं, बल्कि संस्कृति का प्रतीक है। उन्होंने नियमित पैदल चलने को सेहत के लिए लाभकारी बताया। विधायक पवन खरखौदा ने हरियाणा के गौरवशाली इतिहास का उल्लेख किया। वॉक के अंत में युवाओं को बड़खालसा मेमोरियल का इतिहास सुनाया गया। वर्ष 1675 में गुरु तेग बहादुर का पावन शीश दिल्ली से आनंदपुर साहिब ले जाया जा रहा था। मुगल सेना से बचाने के लिए बड़खालसा गांव के दादा कुशाल सिंह दहिया ने अपना शीश बलिदान कर दिया। मंत्री ने प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। प्रतिभागियों ने विरासत संरक्षण और स्वस्थ जीवनशैली का संकल्प लिया।
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