पंजाब के बठिंडा जिले के लेहरा मोहब्बत स्थित गुरु हरगोबिंद थर्मल प्लांट की सभी चार यूनिट्स बंद हो गई हैं। 920 मेगावाट क्षमता वाले इस संयंत्र के बंद होने से राज्य की बिजली व्यवस्था पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। यह प्लांट पंजाब के प्रमुख बिजली उत्पादन केंद्रों में से एक माना जाता है। सभी यूनिट्स के एक साथ बंद होने से बिजली उत्पादन में बड़ी कमी आ सकती है। बिजली विभाग और संबंधित अधिकारियों ने स्थिति पर नजर बनाए रखी है। मांग बढ़ने की स्थिति में वैकल्पिक स्रोतों से बिजली की व्यवस्था करनी पड़ सकती है। अधिकारियों का कहना है कि आपूर्ति प्रभावित न हो, इसके लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। प्लांट बंद होने के कारणों की जांच भी की जा रही है। तकनीकी खामियों या रखरखाव संबंधी कारणों को लेकर समीक्षा की जा रही है। गर्मी और बढ़ती बिजली मांग के बीच यह घटनाक्रम चिंता का विषय माना जा रहा है। राज्य सरकार और बिजली निगम स्थिति को सामान्य करने के प्रयासों में जुटे हैं। उपभोक्ताओं को फिलहाल घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन आपूर्ति प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यूनिट्स जल्द चालू नहीं हुईं तो बिजली वितरण पर दबाव बढ़ सकता है। आने वाले दिनों में प्लांट की बहाली और बिजली आपूर्ति की स्थिति पर सभी की नजर रहेगी।
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