बच्चों में लिवर की बीमारियां अक्सर शुरुआती चरण में स्पष्ट संकेत नहीं देतीं। इसके कारण कई मामलों में निदान देर से होता है। यह देरी इलाज को कठिन बना सकती है। माता-पिता को कुछ सामान्य लेकिन महत्वपूर्ण लक्षणों पर ध्यान देना चाहिए। इनमें बच्चे के मल का रंग हल्का या सफेद होना शामिल है। लगातार थकान और कमजोरी भी एक संकेत हो सकता है। भूख में कमी और खाने में रुचि न होना भी देखा जा सकता है। पेट में दर्द या असहजता की शिकायत भी महत्वपूर्ण लक्षण है। कुछ मामलों में त्वचा और आंखों का पीला पड़ना (पीलिया) भी दिखाई देता है। ऐसे लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। समय पर पहचान से इलाज अधिक प्रभावी हो सकता है। नियमित स्वास्थ्य जांच बच्चों के लिए बेहद आवश्यक है। शुरुआती जांच से गंभीर जटिलताओं को रोका जा सकता है। माता-पिता की सतर्कता बच्चों के स्वस्थ विकास में अहम भूमिका निभाती है।
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