पश्चिम बंगाल की राजनीति में इन दिनों बड़ा राजनीतिक उथल-पुथल देखने को मिल रहा है। टीएमसी के भीतर लगातार असंतोष और भगदड़ जैसी स्थिति की खबरें सामने आ रही हैं। दावा किया जा रहा है कि पार्टी के करीब 50 विधायक और 20 सांसद पाला बदलने की तैयारी में हैं। इससे पहले 101 पार्षदों के सामूहिक इस्तीफे ने राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया था। राज्य में सुवेंदु अधिकारी के बढ़ते प्रभाव के बाद राजनीतिक समीकरण तेजी से बदलते नजर आ रहे हैं। विपक्ष लगातार टीएमसी पर आंतरिक कलह और संगठनात्मक कमजोरी के आरोप लगा रहा है। पार्टी के भीतर कई नेताओं की नाराजगी खुलकर सामने आने लगी है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में बंगाल की राजनीति में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। भाजपा और टीएमसी के बीच सियासी टकराव भी तेज हो गया है। नेताओं के इस्तीफे और संभावित दल बदल को लेकर कार्यकर्ताओं में भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है। हालांकि टीएमसी की ओर से अभी तक इन दावों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया स्पष्ट रूप से सामने नहीं आई है। राजनीतिक हलकों में यह मुद्दा चर्चा का केंद्र बना हुआ है।
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