फेसबुक और इंस्टाग्राम पर यूजर्स के अकाउंट बैन किए जाने को लेकर Meta विवादों में घिर गई है। यूरोपीय संघ की एक संस्था ने कंपनी पर सहयोग न करने और सवालों की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। रिपोर्ट के अनुसार कई यूजर्स ने दावा किया है कि उनके अकाउंट बिना स्पष्ट कारण के बंद कर दिए गए। BBC से संपर्क करने वाले सैकड़ों लोगों ने गलत तरीके से बैन किए जाने की शिकायत की है। यूजर्स का कहना है कि उन्हें अकाउंट बहाल कराने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि शिकायत करने के बावजूद उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला। EU की संस्था Meta की नीतियों और मॉडरेशन प्रक्रिया की जांच कर रही है। डिजिटल अधिकारों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को पारदर्शिता बढ़ाने की जरूरत है। Meta पर पहले भी कंटेंट मॉडरेशन को लेकर आलोचना होती रही है। कंपनी की ओर से इस मुद्दे पर सीमित प्रतिक्रिया सामने आई है। यूरोप में डिजिटल नियमों को लेकर पहले से सख्ती बढ़ाई जा रही है। इस मामले ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की जवाबदेही पर नई बहस छेड़ दी है। आने वाले समय में Meta पर नियामकीय दबाव और बढ़ सकता है।
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