2026 फीफा विश्व कप से पहले अत्यधिक गर्मी को लेकर गंभीर चिंताएं सामने आ रही हैं। वैज्ञानिकों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि मौजूदा सुरक्षा उपाय खिलाड़ियों, अधिकारियों और दर्शकों की पर्याप्त सुरक्षा सुनिश्चित नहीं कर सकते। शोध के अनुसार टूर्नामेंट के दौरान लगभग 26 मैच ऐसे हालात में खेले जा सकते हैं जहां तापमान खतरनाक स्तर तक पहुंच सकता है। अत्यधिक गर्मी खिलाड़ियों के प्रदर्शन और स्वास्थ्य दोनों पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि हीट स्ट्रोक, निर्जलीकरण और थकान जैसी समस्याओं का जोखिम बढ़ सकता है। रिपोर्टों के मुताबिक विश्व कप के उपयोग में आने वाले केवल कुछ स्टेडियमों में ही उन्नत शीतलन प्रणाली उपलब्ध है। फीफा ने खिलाड़ियों की सुरक्षा के लिए हाइड्रेशन ब्रेक और कुछ मैचों के समय में बदलाव जैसे कदम उठाए हैं। हालांकि कई विशेषज्ञ इन उपायों को अपर्याप्त मानते हैं। उनका कहना है कि बढ़ते तापमान के मद्देनजर और व्यापक रणनीति की आवश्यकता है। दर्शकों के लिए भी लंबे समय तक गर्मी में रहना स्वास्थ्य संबंधी खतरे पैदा कर सकता है। जलवायु परिवर्तन के प्रभावों ने अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की योजना पर नए सवाल खड़े किए हैं। आयोजकों पर खिलाड़ियों और प्रशंसकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का दबाव बढ़ रहा है। विश्व कप शुरू होने से पहले गर्मी से निपटने के लिए अतिरिक्त उपायों की मांग लगातार तेज होती जा रही है।
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