छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में फर्जी फर्म बनाकर धोखाधड़ी करने के मामले में अदालत ने दंपती को सजा सुनाई है। आरोपियों ने कथित तौर पर फर्जी पते और कूटरचित दस्तावेजों का इस्तेमाल किया था। उन्होंने दूसरे व्यक्ति के नाम का उपयोग कर कंपनी से कारोबार किया। इसके बाद एबिस एक्सपोर्ट से मछली और झींगा आहार की बड़ी मात्रा में खरीद की गई। आरोप है कि खरीदे गए सामान की पूरी राशि कंपनी को जमा नहीं की गई। मामले की शिकायत के बाद जांच शुरू की गई थी। जांच में फर्जी दस्तावेज और गलत जानकारी देने के तथ्य सामने आए। अदालत में मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने साक्ष्य प्रस्तुत किए। सभी तथ्यों के आधार पर कोर्ट ने दंपती को दोषी माना। अदालत ने दोनों को सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। इस फैसले के बाद व्यापारिक धोखाधड़ी के मामलों में सख्त कार्रवाई का संदेश गया है।
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