प्रीस्टन डेवी मामले के सामने आने के बाद सरकार ने आवश्यक कदम उठाने का वादा किया है। 13 महीने के मासूम प्रीस्टन डेवी की मौत लंबे समय तक चले यौन और शारीरिक उत्पीड़न के बाद हुई थी। मामले ने बाल सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच में सामने आया कि बच्चे को कई महीनों तक लगातार प्रताड़ित किया गया था। इस घटना ने आम जनता और बाल अधिकार संगठनों में गहरा आक्रोश पैदा किया है। सरकार ने कहा है कि मामले की पूरी समीक्षा की जाएगी। संबंधित एजेंसियों की भूमिका और संभावित चूक की भी जांच की जाएगी। अधिकारियों ने भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा उपायों को मजबूत करने का आश्वासन दिया है। बाल संरक्षण प्रणाली में सुधार के लिए अतिरिक्त कदमों पर भी विचार किया जा रहा है। सरकार का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
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