प्राचीन चीन में एक भीषण ज्वालामुखी विस्फोट हुआ था, जो इटली के पोम्पेई शहर के समान था। इस विस्फोट ने डायनासोर समुदायों को अद्भुत विवरण के साथ संरक्षित कर दिया। जेहोल बायोटा से मिले जीवाश्मों में जानवर अपने अंतिम क्षणों में जमे हुए दिखाई देते हैं, जिनमें से कुछ सोते हुए प्रतीत होते हैं। पायरोक्लास्टिक घनत्व धाराओं (ज्वालामुखीय राख और गैस का तेज प्रवाह) ने इन प्राणियों को तेजी से दफना दिया। इससे एक अद्वितीय भूवैज्ञानिक टाइम कैप्सूल बना, जो प्रागैतिहासिक जीवन और व्यवहार की अनूठी जानकारी देता है। वैज्ञानिकों का कहना है कि यह खोज बेहद दुर्लभ है क्योंकि इसमें डायनासोर की दिनचर्या और सामाजिक संरचना के संकेत मिलते हैं। यह घटना डायनासोर के विलुप्त होने के पारंपरिक सिद्धांतों को भी नई दिशा दे सकती है। अब शोधकर्ता इन जीवाश्मों का अध्ययन कर पृथ्वी के उस युग के बारे में और जानकारी जुटा रहे हैं।
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