वेटिकन चर्च से वर्षों से मांग की जा रही थी। अश्वेत ईसाइयों ने कहा था कि चर्च के आदेशों ने काले लोगों के शोषण और दास व्यापार को बढ़ावा दिया। अब पोप लियो ने लंबे समय बाद सचमुच माफी मांगी है। यह माफी वेटिकन चर्च के इतिहास में एक महत्वपूर्ण कदम है। आशा है कि इससे अश्वेत समुदाय को न्याय मिलेगा। पोप की यह पहल से चर्च की छवि में सुधार हो सकता है। इस माफी का मतलब है कि चर्च अपने पिछले कार्यों के लिए जिम्मेदारी ले रहा है। यह एक महत्वपूर्ण कदम है जो चर्च और अश्वेत समुदाय के बीच संबंधों को मजबूत कर सकता है।
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