पैंक्रियाटिक कैंसर अग्नाशय के गहरे स्थान पर होने के कारण इसके शुरुआती लक्षण आसानी से पहचाने नहीं जाते। यह कैंसर धीरे-धीरे बढ़ता है और इसके लक्षण अक्सर आम बीमारियों जैसे दिखते हैं, जिसे लोग अनदेखा कर देते हैं। जब तक पीली त्वचा, अचानक वजन घटना या पेट में दर्द जैसे स्पष्ट लक्षण दिखते हैं, तब तक कैंसर काफी फैल चुका होता है। यही कारण है कि इस बीमारी में जीवित रहने की दर बेहद कम है। विशेषज्ञों का कहना है कि लोगों में जागरूकता बढ़ाना और जल्दी पता लगाने के बेहतर तरीके विकसित करना जरूरी है। पैंक्रियाटिक कैंसर को साइलेंट किलर भी कहा जाता है। डॉक्टर्स सलाह देते हैं कि अगर अचानक डायबिटीज हो या पाचन संबंधी समस्या बनी रहे तो तुरंत जांच करानी चाहिए। अभी तक इस कैंसर के लिए कोई प्रभावी स्क्रीनिंग टेस्ट मौजूद नहीं है।
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