आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने देश में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों को लेकर केंद्र सरकार की आलोचना की है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की मंशा इन घटनाओं को प्रभावी ढंग से रोकने की नहीं है। केजरीवाल ने कहा कि हाल में उठाए गए कुछ कदम समस्या के मूल कारणों का समाधान नहीं करते। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट साझा कर परीक्षा सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए। उनके अनुसार केवल तकनीकी या प्रतीकात्मक उपायों से पेपर लीक की घटनाएं नहीं रुकेंगी। उन्होंने दावा किया कि पेपर लीक एक संगठित और बड़े स्तर का अवैध कारोबार बन चुका है। केजरीवाल ने आरोप लगाया कि इस कारोबार में भारी मात्रा में धन का लेन-देन होता है। उन्होंने कहा कि इस समस्या की जड़ तक पहुंचने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की आवश्यकता है। केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने राजनीतिक संरक्षण और जवाबदेही के मुद्दे भी उठाए। केजरीवाल ने यह भी आरोप लगाया कि पेपर लीक से जुड़े नेटवर्क को समाप्त करने के लिए पर्याप्त इच्छाशक्ति नहीं दिखाई जा रही है। उन्होंने युवाओं के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए पारदर्शी और मजबूत परीक्षा प्रणाली की मांग की। उनके बयानों ने राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है। पेपर लीक का मुद्दा लंबे समय से छात्रों और अभ्यर्थियों के बीच चिंता का विषय बना हुआ है। विपक्ष इस मामले को सरकार की नीतियों और प्रशासनिक व्यवस्था से जोड़कर देख रहा है। वहीं यह मुद्दा रोजगार और भर्ती परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े कर रहा है।
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