पिछले करीब पाँच वर्षों में ग्रामीण पिकनिक स्थलों पर कुल 66 लोगों की मौत दर्ज की गई है। रिपोर्ट के अनुसार बामनिया कुंड और तिनचा फॉल्स जैसे स्थानों पर सबसे अधिक दुर्घटनाएँ हुई हैं। इन घटनाओं में अधिकांश मौतें पानी में डूबने या फिसलने के कारण हुई हैं। प्रशासन के अनुसार कई पर्यटक सुरक्षा नियमों का पालन नहीं करते। खतरनाक स्थानों पर चेतावनी बोर्डों की कमी भी एक बड़ा कारण मानी जा रही है। स्थानीय अधिकारियों ने सुरक्षा उपायों को मजबूत करने की बात कही है। पुलिस और बचाव दल समय-समय पर निगरानी अभियान चला रहे हैं। बावजूद इसके हादसों की संख्या चिंताजनक बनी हुई है। विशेषज्ञों ने पर्यटकों से सावधानी बरतने की अपील की है। इस रिपोर्ट ने पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था की गंभीरता को उजागर किया है।
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