पासकी पारंपरिक पासवर्ड की तुलना में अधिक सुरक्षित लॉगिन विकल्प प्रदान करती है। यह आपके डिवाइस के फिंगरप्रिंट, फेस स्कैन या स्क्रीन लॉक का उपयोग करके पहचान सत्यापित करती है। पासकी के इस्तेमाल से बार-बार पासवर्ड याद रखने की जरूरत नहीं पड़ती। इसे सेट करने के लिए पासकी समर्थित डिवाइस और ब्राउज़र की आवश्यकता होती है। एक बार सेटअप पूरा होने के बाद अकाउंट में लॉगिन करना तेज और आसान हो जाता है। यह तकनीक फिशिंग हमलों से बेहतर सुरक्षा प्रदान करती है। पासकी के कारण पासवर्ड चोरी होने का खतरा भी काफी कम हो जाता है। कई प्रमुख ऑनलाइन सेवाएं अब पासकी का समर्थन कर रही हैं। यह आधुनिक डिजिटल सुरक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा बनती जा रही है। विशेषज्ञ संवेदनशील ऑनलाइन खातों के लिए पासकी अपनाने की सलाह देते हैं। इससे उपयोगकर्ताओं की निजी जानकारी अधिक सुरक्षित रहती है। डिजिटल सुरक्षा बढ़ाने के लिए पासकी को भविष्य की विश्वसनीय तकनीक माना जा रहा है।
Source: Source