एक कारोबारी फर्म में पार्टनर पर जाली हस्ताक्षर कर करीब ₹1 करोड़ निकालने का आरोप लगा है। आरोप है कि पार्टनर ने फर्म के दस्तावेजों पर फर्जी हस्ताक्षर किए। इसके बाद उसने फर्म की रकम को कथित तौर पर अपने इस्तेमाल में लिया। मामले में वित्तीय धोखाधड़ी की शिकायत सामने आई है। फर्म से जुड़ी रकम के लेनदेन की जांच की जा रही है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि उसे इस लेनदेन की जानकारी नहीं थी। जाली हस्ताक्षर के जरिए रकम निकालने के आरोप ने कारोबारी साझेदारी पर भी सवाल खड़े किए हैं। पुलिस मामले से जुड़े दस्तावेज और वित्तीय रिकॉर्ड खंगाल सकती है। बैंक लेनदेन और हस्ताक्षरों की भी जांच की जा सकती है। जांच के आधार पर आरोपी की भूमिका और रकम के इस्तेमाल का पता लगाया जाएगा। मामले में पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया के तहत जांच शुरू कर दी है। दोष साबित होने पर आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में कार्रवाई की जाएगी।
Source: Source