हाईकोर्ट ने पर्वतारोहियों और तीर्थयात्रियों द्वारा प्लास्टिक के बढ़ते उपयोग पर चिंता जताई है। अदालत ने इस मुद्दे पर मुख्य सचिव को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने पर्यावरण संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की आवश्यकता पर जोर दिया। प्लास्टिक कचरे से पर्वतीय क्षेत्रों और धार्मिक स्थलों को होने वाले नुकसान पर भी चिंता व्यक्त की गई। अदालत ने संबंधित विभागों से प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने को कहा है। प्लास्टिक उपयोग को नियंत्रित करने के लिए ठोस उपाय अपनाने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों से इस संबंध में समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है। पर्यावरण को स्वच्छ और सुरक्षित बनाए रखने के लिए जागरूकता बढ़ाने पर भी बल दिया गया। मामले की प्रगति पर अदालत आगे भी नजर रखेगी। अगली सुनवाई में उठाए गए कदमों की जानकारी प्रस्तुत किए जाने की संभावना है।
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