कर्नाटक हाईकोर्ट ने राज्य में बुजुर्गों की देखभाल व्यवस्था में मौजूद कमियों पर चिंता जताई है। अदालत ने सरकार से इस मुद्दे पर व्यापक और प्रभावी नीति तैयार करने को कहा। हाईकोर्ट का मानना है कि बढ़ती बुजुर्ग आबादी को बेहतर स्वास्थ्य और देखभाल सेवाओं की आवश्यकता है। अदालत ने मौजूदा व्यवस्था की समीक्षा करने की जरूरत पर जोर दिया। न्यायालय ने संबंधित अधिकारियों से समग्र ढांचा विकसित करने पर विचार करने को कहा। इसमें स्वास्थ्य, पुनर्वास और सामाजिक सहायता से जुड़े पहलुओं को शामिल करने की बात कही गई। अदालत ने बुजुर्गों की गरिमा और सुरक्षा सुनिश्चित करने के महत्व को रेखांकित किया। सरकार से विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने का भी सुझाव दिया गया। मामले की सुनवाई के दौरान बुजुर्गों के कल्याण से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। हाईकोर्ट ने इस दिशा में ठोस और दीर्घकालिक कदम उठाने की आवश्यकता बताई। मामले में आगे की सुनवाई के दौरान सरकार से प्रगति रिपोर्ट पेश करने की उम्मीद है।
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