शैक्षणिक संस्थानों की गरिमा बनाए रखने के लिए एक बड़ा निर्णय लिया गया है। राजमोहन ने स्पष्ट किया है कि अब कैंपस में बाहरी दखल पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। किसी भी राजनीतिक दल के सदस्यों को छात्रों के साथ बातचीत करने की अनुमति नहीं होगी। निजी संगठनों के प्रतिनिधि भी अब परिसरों में जाकर छात्रों से संपर्क नहीं कर सकेंगे। यह निर्णय शैक्षणिक माहौल को राजनीति से दूर रखने के उद्देश्य से लिया गया है। प्रशासन का मानना है कि छात्रों का ध्यान केवल पढ़ाई और रचनात्मक कार्यों पर केंद्रित होना चाहिए। आदेश का उल्लंघन करने वाले संगठनों और व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। कैंपस में शांति और अनुशासन बनाए रखना अब प्रशासन की प्राथमिकता है। शैक्षणिक संस्थानों को राजनीति का अखाड़ा बनने से रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है। सभी संबंधित विभागों और सुरक्षा प्रभारियों को इस नियम का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। यह नीति भविष्य में कैंपस की गतिविधियों को पूरी तरह से गैर-राजनीतिक रखेगी। उम्मीद है कि इस फैसले से छात्रों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण प्राप्त होगा।
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