पंजाब के मानसा में नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या के मामले की जांच कर रही केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने अपनी पड़ताल तेज कर दी है। जांच के दौरान मोहाली और कुराली की दो दवा फैक्ट्रियां एजेंसी के रडार पर आई हैं। जांच का एक प्रमुख पहलू नशीली दवाओं की सप्लाई से जुड़े नेटवर्क का पता लगाना है। एजेंसी इस मामले में दवा निर्माण और आपूर्ति से संबंधित संभावित कड़ियों की जांच कर रही है। परविंदर सिंह झोटा नशे के खिलाफ सक्रिय कार्यकर्ता थे और उनकी हत्या के मामले की जांच अब व्यापक स्तर पर की जा रही है। मोहाली और कुराली स्थित फैक्ट्रियों की जांच से कथित सप्लाई नेटवर्क के बारे में जानकारी जुटाने की कोशिश की जा रही है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में दोनों फैक्ट्रियों के नाम, जांच के दौरान सामने आए सबूत और किसी गिरफ्तारी का विवरण नहीं दिया गया है। जांच एजेंसी की ओर से आधिकारिक पुष्टि के बाद ही कार्रवाई और संभावित संबंधों की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
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