बिहार की राजधानी पटना में नगर निगम की सर्वोच्च नीति-निर्धारक इकाई ‘सशक्त स्थायी समिति’ के सात सदस्यों के चयन को लेकर बड़ा बदलाव हुआ है। अब इन सदस्यों का चुनाव गुप्त मतदान के माध्यम से किया जाएगा, जिससे पारदर्शिता और निष्पक्षता बढ़ने की उम्मीद है। पहले यह समिति खुले मतदान या सहमति से बनती थी, जिसमें पार्षदों पर दबाव डालने की आशंका रहती थी। नए नियम के तहत, सभी पार्षद गुप्त रूप से वोट डाल सकेंगे, जिससे अंदरूनी गुटबाजी कम होगी। इसके साथ ही, सात नामों पर प्रारंभिक सहमति भी बना ली गई है, हालांकि अंतिम चुनाव गुप्त मतदान से होगा। यह समिति निगम में बजट, योजनाओं और बड़े फैसलों को अंतिम रूप देती है। इस बदलाव को कई पार्षदों ने स्वागत योग्य बताया है, जबकि कुछ ने इसे देरी से लागू किए जाने पर सवाल उठाया है। प्रशासन ने मतदान प्रक्रिया को सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए निगरानी तंत्र लगाया है।
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