फाजिल्का में अकाली दल के नेता और पूर्व जिलाध्यक्ष सतिंदर सिंह ‘सवि’ काठपाल ने विधायकों के टेलीफोन भत्ते की समीक्षा की मांग की है। उन्होंने पंजाब सरकार और विधानसभा को पत्र लिखकर मौजूदा व्यवस्था में बदलाव का आग्रह किया है। उनके अनुसार प्रत्येक विधायक को हर महीने 15,000 रुपये टेलीफोन भत्ता मिलता है। पंजाब में 117 विधायकों के हिसाब से यह राशि हर महीने 17.55 लाख रुपये से अधिक बैठती है। सालाना आधार पर यह खर्च दो करोड़ रुपये से अधिक होने का दावा किया गया है। काठपाल ने कहा कि मोबाइल और इंटरनेट सेवाओं की कीमतों में पिछले वर्षों में बदलाव आया है। उन्होंने फिक्स्ड भत्ते के बजाय वास्तविक मोबाइल या टेलीफोन बिल के आधार पर भुगतान की व्यवस्था लागू करने का सुझाव दिया। उनके अनुसार इससे सरकारी खर्च में बचत हो सकती है। उन्होंने बची राशि को जनहित के कार्यों या कर्मचारियों के लंबित DA से जुड़े मुद्दों पर इस्तेमाल करने का सुझाव दिया। अकाली नेता ने कहा कि उनकी मांग किसी व्यक्ति या राजनीतिक दल के खिलाफ नहीं है। उन्होंने इसे सरकारी धन के मितव्ययी और पारदर्शी उपयोग से जुड़ा मुद्दा बताया। उन्होंने पंजाब सरकार और विधानसभा से टेलीफोन भत्ते की मौजूदा दर की समीक्षा करने की मांग की है।
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