जालंधर में पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के नए आदेशों के खिलाफ उद्योग जगत में विरोध शुरू हो गया है। छोटे कारोबारियों और एमएसएमई सेक्टर से जुड़े उद्यमियों ने कहा है कि सेकेंड्री एमिशन कंट्रोल उपकरण लगाने की अनिवार्यता उनके लिए आर्थिक रूप से भारी बोझ साबित होगी, क्योंकि इसकी लागत लाखों रुपये तक पहुंच रही है। एमएसएमई इंडस्ट्रीज एसोसिएशन पंजाब की बैठक गदईपुर में आयोजित की गई, जिसमें इस नए सिस्टम पर गंभीर चिंता जताई गई। उद्योग प्रतिनिधियों ने मांग की कि माइक्रो और स्मॉल इकाइयों को इस नियम से राहत दी जाए, विशेषकर छोटी इंडक्शन फर्नेस चलाने वाले व्यवसायों को इससे बाहर रखा जाए। उनका कहना है कि कई इकाइयां पहले से ही आर्थिक दबाव में हैं और नए नियम उनकी स्थिति और खराब कर सकते हैं। उद्योगपतियों ने यह भी आरोप लगाया कि ऐसे आदेश लागू करने से पहले उनसे सलाह नहीं ली गई। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि एसोसिएशन जल्द ही पीपीसीबी अधिकारियों से मुलाकात कर इस आदेश पर पुनर्विचार की मांग करेगी। उद्योग जगत ने सरकार से एमएसएमई सेक्टर को राहत देने और व्यावहारिक नीति अपनाने की अपील की है।
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