पंजाब पुलिस ने माजीठा थाने पर हमले के सिलसिले में SAD नेता बिक्रम सिंह मजीठिया के आवास पर छापा मारा। यह कार्रवाई एक बंदी को छुड़ाने के आरोप में की गई है। पुलिस का आरोप है कि मजीठिया उस अवैध जमावड़े का हिस्सा थे जिसने जबरन थाने में घुसकर कर्मियों को धमकाया। इस दौरान आरोपी जॉबनप्रीत नाम के व्यक्ति को छुड़ाने का प्रयास कर रहे थे। पुलिस के अनुसार मजीठिया और उनके साथियों ने सरकारी काम में बाधा डाली और कानून व्यवस्था चुनौती दी। घटना के बाद SAD नेता पर कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई। वहीं SAD सांसद हरसिमरत कौर बादल ने इस मामले को AAP सरकार की राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि मजीठिया को झूठे मामले में फंसाया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि उनके पास मजीठिया की संलिप्तता के सबूत हैं और छापेमारी नियमानुसार हुई। इस घटना के बाद SAD और AAP के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। मजीठिया पर पहले भी कई आपराधिक मामले दर्ज हो चुके हैं। फिलहाल पुलिस ने किसी गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं की है। मामले की जांच जारी है और आगे की कार्रवाई सबूतों के आधार पर की जाएगी। इस घटना से पंजाब की सियासत गरमा गई है।
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