पंजाब कांग्रेस में संगठनात्मक बदलाव में देरी को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। पटियाला सांसद डॉ. धर्मवीर गांधी ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए पार्टी नेतृत्व पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि कोई बड़ा बगावत का डर दिखाकर बदलाव रोकने की कोशिश कर रहा है। हालांकि विवाद बढ़ने के बाद उन्होंने अपनी पोस्ट हटा दी। कांग्रेस ने जून की शुरुआत से ही पंजाब संगठन में बदलाव को लेकर बैठकें शुरू की थीं। पार्टी नेतृत्व ने कई नेताओं से फीडबैक लिया और तीन पर्यवेक्षकों को पंजाब की स्थिति का आकलन करने की जिम्मेदारी दी। वरिष्ठ नेताओं से वन-टू-वन चर्चा के बाद बदलावों पर मंथन जारी है। मनीष तिवारी भी बैठक में नहीं बुलाए जाने पर नाराजगी जता चुके हैं। चर्चा है कि कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष और विपक्ष के नेता के पद में बदलाव हो सकता है। पार्टी चुनाव से पहले सभी वर्गों को साधने की रणनीति पर काम कर रही है।
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