हरियाणा के पंचकूला में करीब 200 करोड़ रुपये मूल्य की शामलात जमीन विवाद मामले की जांच फिर से शुरू हो गई है। राज्य सरकार ने पूरे प्रकरण पर विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। आरोप है कि नगर निगम सीमा में आने वाली लगभग 72 बीघा जमीन को एक निजी होटल समूह के पक्ष में स्थानांतरित करने में नियमों की अनदेखी की गई। शिकायत में कहा गया है कि वर्ष 2024 में तत्कालीन उपायुक्त और नगर निगम अधिकारियों ने अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर निर्णय लिया। मामला मुख्यमंत्री कार्यालय और संबंधित विभागों तक पहुंचने के बाद सरकार ने रिकॉर्ड और रिपोर्ट मांगी है। जांच के दायरे में पूर्व डीसी समेत कई अधिकारी और कर्मचारी आ सकते हैं। सरकार यह भी जांच कर रही है कि भूमि हस्तांतरण प्रक्रिया में किस स्तर पर गड़बड़ी हुई। नगर निगम ने पहले कहा था कि इस मामले की सुनवाई का अधिकार कलेक्टर अदालत को नहीं है। विभाग ने जिला प्रशासन से रिपोर्ट मांगी थी, लेकिन समय पर जवाब नहीं मिला। इसके बाद रिमाइंडर भी जारी किया गया। सूत्रों के अनुसार विवादित आदेश के बाद राजस्व रिकॉर्ड में कोई बदलाव नहीं हुआ। हालांकि शिकायतकर्ताओं का कहना है कि इससे सरकारी जमीन पर निजी दावे की संभावना बन सकती थी। अब सरकार पूरी फाइल की समीक्षा कर रही है और आगे की कार्रवाई पर नजर है।
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