सुप्रीम कोर्ट ने निजी स्कूल शिक्षकों के कल्याण से जुड़ी एक जनहित याचिका पर केंद्र और राज्यों से जवाब मांगा है। अदालत ने केंद्र सरकार, सभी राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद यानी NCTE को नोटिस जारी किया है। याचिका में निजी स्कूल शिक्षकों के लिए एक समान राष्ट्रीय कल्याण ढांचा तैयार करने की मांग की गई है। इसमें शिक्षकों को मिलने वाली सामाजिक सुरक्षा सुविधाओं में कथित कमियों को उजागर किया गया है। याचिकाकर्ता ने पेंशन व्यवस्था को लेकर चिंता जताई है। निजी शिक्षकों के लिए चिकित्सा सहायता और बीमा सुविधाओं की भी मांग की गई है। दिव्यांगता सहायता और परिवार को मिलने वाले लाभों को भी याचिका में शामिल किया गया है। याचिका में सेवानिवृत्ति के बाद शिक्षकों की आर्थिक सुरक्षा मजबूत करने पर जोर दिया गया है। इसमें शिक्षकों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर कल्याणकारी तंत्र विकसित करने की मांग उठाई गई है। याचिकाकर्ता का कहना है कि निजी स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों के लिए सामाजिक सुरक्षा का समान ढांचा आवश्यक है। सुप्रीम कोर्ट ने संबंधित पक्षों से इस मामले पर अपना पक्ष रखने को कहा है। अब केंद्र, राज्य सरकारों और NCTE के जवाब के बाद मामले में आगे की सुनवाई होगी। यह याचिका निजी स्कूल शिक्षकों की सामाजिक सुरक्षा और कल्याण से जुड़े मुद्दों पर केंद्रित है। मामले में अदालत के आगामी निर्देशों पर शिक्षकों और शिक्षा क्षेत्र की नजर रहेगी।
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