नासा का प्रयोगात्मक विमान X-59 सुपरसोनिक यात्रा में बड़ा बदलाव ला सकता है। इसका मुख्य उद्देश्य सोनिक बूम की तेज आवाज को काफी कम करना है। विमान का डिजाइन पारंपरिक जेट से बिल्कुल अलग है। इसमें बेहद लंबी नाक और सामने पारंपरिक विंडस्क्रीन नहीं है। पायलट के लिए उन्नत बाहरी विजन सिस्टम लगाया गया है। यह तकनीक कैमरों और डिस्प्ले की मदद से दृश्य उपलब्ध कराती है। X-59 जमीन के ऊपर भी उच्च गति से उड़ान भरने की क्षमता प्रदर्शित करेगा। परियोजना का लक्ष्य यह साबित करना है कि सुपरसोनिक उड़ानें शांत भी हो सकती हैं। वर्तमान में तेज शॉकवेव की वजह से कई क्षेत्रों में ऐसी उड़ानों पर प्रतिबंध हैं। यह प्रतिबंध 1973 से लागू नियमों से जुड़ा हुआ है। परीक्षणों के दौरान विभिन्न समुदायों से प्रतिक्रिया एकत्र की जाएगी। लोगों की राय से शोर के वास्तविक प्रभाव का आकलन होगा। यदि परिणाम सकारात्मक रहे तो पुराने प्रतिबंधों में बदलाव का रास्ता खुल सकता है। इससे भविष्य में तेज और अधिक सुविधाजनक हवाई यात्रा संभव हो सकती है।
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