केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने स्कूलों के लिए तैयार किए गए राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य और कल्याण नीति के मसौदे की समीक्षा की। इस बैठक में अधिकारियों और विशेषज्ञों ने भी भाग लिया। प्रस्तावित ढांचा छात्रों, शिक्षकों और समुदायों के मानसिक स्वास्थ्य समर्थन को मजबूत करने पर केंद्रित है। नीति का उद्देश्य स्कूलों में सुरक्षित और समावेशी वातावरण सुनिश्चित करना है। इसमें मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं की शुरुआती पहचान और रोकथाम पर विशेष जोर दिया गया है। शिक्षकों को पहले स्तर के मार्गदर्शक (मेंटर्स) के रूप में प्रशिक्षण देने का प्रावधान भी शामिल है। यह नीति मानसिक कल्याण को शिक्षा प्रणाली में एकीकृत करने की दिशा में काम करेगी। इसमें समग्र विकास के लिए भारतीय ज्ञान प्रणाली को शामिल करने की भी बात कही गई है। अधिकारियों के अनुसार यह पहल देशभर में मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने में मदद करेगी। इस नीति का लक्ष्य छात्रों के समग्र और संतुलित विकास को सुनिश्चित करना है।
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